
मरुधर गूंज, नई दिल्ली (25 जुलाई 2026)।
केंद्र सरकार के अधीन आने वाले सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSEs) के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (DPE) ने कार्यकारी (Executive) और नॉन-यूनियन सुपरवाइजर (Non-Unionized Supervisors) कर्मचारियों के इंडस्ट्रियल महंगाई भत्ते (IDA) में वृद्धि का एलान कर दिया है। यह संशोधित भत्ता 1987, 1997, 2007 और 2017 के वेतनमान के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र कर्मचारियों पर प्रभावी होगा।
1 जुलाई से प्रभावी होगा नया ढांचा
महंगाई के प्रभाव को कम करने और कर्मचारियों के वेतन का संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया यह कदम 1 जुलाई से लागू कर दिया गया है। भत्ते की यह नई दरें ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के ताजा आंकड़ों के आधार पर तय की गई हैं। DPE ने सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि वे अपने नियंत्रण वाले उपक्रमों में इस संशोधन को तुरंत प्रभाव से लागू करा सकें। ऊर्जा, विनिर्माण , बुनियादी ढांचा और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कार्यरत सरकारी कंपनियों के लाखों कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
किस पे-स्केल पर कितना हुआ नया IDA?
पे-स्केल श्रेणी (Pay Scale) नया इंडस्ट्रियल महंगाई भत्ता (Revised IDA)
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2017 पे-स्केल मूल वेतन का 55.7%
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2007 पे-स्केल मूल वेतन का 241.7%
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1997 पे-स्केल मूल वेतन का 476.9%
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1987 पे-स्केल 18,298 रुपये (9,854 के औसत एआईसीपीआई स्तर पर आधारित)
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वेतन पर कैसा होगा असर?
यदि कोई कर्मचारी 2017 के पे-स्केल के तहत 50,000 रुपये का आधारभूत वेतन (Basic Pay) पाता है, तो 55.7% की नई दर के हिसाब से उसका इंडस्ट्रियल महंगाई भत्ता अब 27,850 रुपये हो जाएगा। इसी तरह अन्य पे-स्केल वाले कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में भी उनकी संबंधित दरों के अनुसार बढ़ोतरी होगी।


