July 28, 2026
MG NEWS

मरुधर गूंज, बीकानेर (28 जुलाई 2026)।

देवशयनी एकादशी से ही चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है। साल 2026 में चातुर्मास की शुरुआत 25 जुलाई दिन शनिवार को देवशयनी एकादशी से हो चुकी है और इसका समापन 20 नवंबर दिन शुक्रवार को होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन से भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी यानी देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम रहता है।

ज्योतिषीय महेन्द्र कुमार ने बताया कि चातुर्मास का समय कुछ राशियों के लिए सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है। इस समय गुरु ग्रह अतिचारी अवस्था में चल रहे हैं तो सिंह राशि में शुक्र और केतु की युति बन रही है, साथ ही इन चार मास में शनि वक्री अवस्था में रहने वाले हैं। ग्रहों की स्थिति और गोचर के प्रभाव के कारण मिथुन सहित चार राशियों के जातकों को इस दौरान हर निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। इस समय जल्दबाजी या लापरवाही आर्थिक, पारिवारिक और व्यावसायिक जीवन में परेशानी बढ़ा सकती है।

मिथुन राशि

चातुर्मास के दौरान मिथुन राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता रखने की आवश्यकता होगी। इस राशि के नौकरी पेशा जातकों की ऑफिस में चार माह जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और सहकर्मियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। वहीं बिजनेस से जुड़े लोग किसी नए निवेश या साझेदारी से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। चातुर्मास में अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें और परिवार के साथ धैर्यपूर्वक व्यवहार करें। साथ ही किसी भी तरह के विवाद से दूर रहें अन्यथा परेशानी में फंस सकते हैं।

कर्क राशि

चातुर्मास में कर्क राशि वालों को भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए अन्यथा आप परेशानी में फंस सकते हैं। परिवार में छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव उत्पन्न हो सकता है, जिसकी वजह से मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए नियमित दिनचर्या अपनाएं। चातुर्मास में कर्क राशि वाले आर्थिक मामलों में उधार देने या लेने से पहले अच्छी तरह विचार करें।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए चातुर्मास का समय धैर्य और संयम की परीक्षा लेने वाला हो सकता है। इस राशि के नौकरी पेशा जातकों की ऑफिस में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है और योजनाओं में देरी का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में करियर को लेकर काफी चिंतित नजर आएंगे इसलिए हर चीज में अपने आपको अपड़ेट रखें। तुला राशि वाले चातुर्मास में किसी भी कानूनी या दस्तावेजी कार्य में पूरी सावधानी बरतें। निवेश के मामलों में विशेषज्ञ की सलाह लेना लाभदायक रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों को चातुर्मास में आर्थिक फैसलों को लेकर विशेष सतर्क रहना होगा। इस अवधि में मकर राशि वालों के अचानक खर्च बढ़ सकते हैं और आय-व्यय का संतुलन बिगड़ सकता है, जिसकी वजह से कर्ज लेने की स्थिति बन सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को अभी काफी मेहनत करने की आवश्यकता है। मकर राशि वालों की चातुर्मास में पारिवारिक जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी, इसलिए धैर्य बनाए रखें। वाहन चलाते समय और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें।

चातुर्मास में क्या करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में भगवान विष्णु की नियमित पूजा, श्रीहरि के मंत्रों का जाप, तुलसी पूजन, सत्संग, व्रत, दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सेवा करना शुभ माना जाता है। सात्विक भोजन, संयमित जीवनशैली और आध्यात्मिक गतिविधियों से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

चातुर्मास में क्या ना करें?

चातुर्मास में बिना सोच-विचार के बड़ा निवेश, विवाद, क्रोध, अनावश्यक यात्राएं और जोखिम भरे फैसलों से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस अवधि में विवाह और अन्य शुभ मांगलिक कार्य भी सामान्यतः नहीं किए जाते।