
मरुधर गूंज, बीकानेर (05 अक्टूबर 2026)।
वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, भाग्य, समृद्धि और सन्तान सुख का प्रमुख कारक माना गया है। पंचांगीय गणना के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को गुरु ग्रह नक्षत्र परिवर्तन करते हुए अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित महेन्द्र कुमार के अनुसार, गुरु का यह नक्षत्र गोचर सभी राशियों पर गहरा असर डालेगा। विशेष रूप से 3 राशियों के लिए यह गोचर आर्थिक और व्यावसायिक मोर्चे पर चुनौतियां लेकर आ सकता है। इन जातकों को धन संबंधी फैसलों, निवेश और करियर में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं वे 3 राशियां कौन-सी हैं और गुरु दोष के ज्योतिषीय उपाय क्या हैं-
इन 3 राशियों के लिए फलदायी नहीं रहेगा गुरु का नक्षत्र गोचर
मिथुन राशि (Gemini) :-
करियर और कार्यक्षेत्र : गुरु का यह गोचर आपके करियर की प्रगति में बाधा उत्पन्न कर सकता है। ऑफिस में सहकर्मियों या अधिकारियों के साथ वाद-विवाद से बचें, अन्यथा पदोन्नति (प्रमोशन) अटक सकती है।
आर्थिक और व्यापार: कारोबारियों को किसी भी प्रकार का बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। इस अवधि में किसी को भी उधार धन न दें, क्योंकि आपका पैसा लंबे समय के लिए फंस सकता है। जोखिम भरे वित्तीय फैसलों से दूर रहें।
सिंह राशि (Leo) :-
आर्थिक तनाव और बजट : अचानक आए अप्रत्याशित खर्चों के कारण आपका बजट बिगड़ सकता है, जिससे मानसिक दबाव बढ़ेगा। शेयर बाजार या सट्टेबाज़ी में जोखिम उठाने से बचें।
करियर और रिश्ते : कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रुओं और विरोधियों से सतर्क रहें। जीवनसाथी के साथ संवाद में संयम रखें, किसी पुरानी बात पर मतभेद या अनबन की आशंका है।
धनु राशि (Sagittarius) :-
पारिवारिक और वित्तीय दबाव : धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियों और अचानक बढ़ी देनदारियों के कारण वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य और व्यवसाय : व्यावसायिक गतिविधियों में रुकावटें आ सकती हैं और व्यापार में वित्तीय नुकसान हो सकता है। सेहत के प्रति लापरवाही न बरतें और खानपान का ध्यान रखें।
गुरु के दुष्प्रभाव से बचाव एवं शांति के अचूक उपाय
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प्रत्येक गुरुवार के दिन केले के पौधे/वृक्ष की पूजा करें और उसमें जल अर्पित कर चने की दाल व गुड़ का भोग लगाएं।
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प्रतिदिन अथवा प्रति गुरुवार श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से गुरु ग्रह के शुभ प्रभाव में वृद्धि होती है।
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गुरुवार के दिन जरूरतमंदों व निर्धनों को चने की दाल, हल्दी, बेसन, पीले वस्त्र या पीले फलों का दान करें।
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गुरुवार को पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।
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गुरुवार के दिन शांतचित्त होकर इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जाप करें-
‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः’
अथवा
‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’


