मरुधर गूंज, बीकानेर (18 अक्टूबर 2026)।
अजित फाउण्डेशन द्वारा आयोजित ‘‘सृजन सौरम लक्ष्मीनारायण रंगा’’ का आगाज पुस्तक प्रदर्शनी से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं व्यंग्यकार बुलाकी शर्मा ने कहा कि लक्ष्मीनारायण रंगा द्वारा रचित कविताएं चाहे कितने समय पहले लिखी गई होगी लेकिन वह आज भी प्रासंगिक है तथा भविष्य में भी प्रासंगिक रहेगी। उनकी कविताओं में सामाजिक समरसता एवं व्यंग्य दोनो पढ़ने को मिलते है। बुलाकी शर्मा ने कहा कि लक्ष्मीनारायण रंगा हमेषा नवीन सृजन की तरफ ईशारा करते हुए उत्सावर्द्धन करते थे। रंगा कहा करते थे कि साहित्य सृजन के साथ-साथ हमें सजगता से नवीन प्रयोग भी करते रहना चाहिए। रंगा के साहित्य सृजन से हमें लिखने के षिल्प एवं नवीनधर्मिता के अवसर प्रदान होते है।
इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उर्दू अदब के वरिष्ठ शायर जाकीर अदीब ने कहा कि लक्ष्मीनारायण रंगा हमेषा कहते थे कि हमें अपनी कविताओं को मांझना चाहिए। रंगा हमारे प्रेरणास्त्रोत रहे है तथा उन्होंने हिन्दी, राजस्थानी एवं गज़ल विधा पर बखूबी अपनी कलम चलाई है। रंगा सदैव नवलेखकों का उत्सावर्द्धन करते हुए उन्हें पढ़ने तथा लिखने के लिए अवसर प्रदान करते थे।
कार्यक्रम के आरम्भ में लक्ष्मीनारायण रंगा द्वारा कृत पुस्तकों की प्रदर्शनी का उद्घाटन बुलाकी शर्मा, जाकीर अदीब, कमल रंगा, सुनील बोड़ा के कर कमलों द्वारा किया गया।
प्रदर्शनी में लगभग 130 पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें हिन्दी एवं राजस्थानी की सभी विधाओं पर लिखित पुस्तकों को चश्पा किया गया।
अजित फाउण्डेशन के कार्यक्रम समन्वयक संजय श्रीमाली ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लक्ष्मीनारायण रंगा के रचना संसार को जानना तथा उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व को आज की पीढि से अवगत करना है, साथ ही उनके साहित्य अवदान पर समझ विकसित करना है।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में गजलों एवं कविताओं का वाचन करते हुए राजस्थानी भाषा की कविता विप्लव व्यास, तथा हिन्दी की कविताओं में अक्षिता जोशी, आनंद छंगाणी, शिवप्रकाष शर्मा, आनन्द पुरोहित ‘मस्ताना’ भावना स्वामी, महक आचार्य तथा गज़ल डॉ. शकीला बानो एवं मोईनुद्वीन ‘मोईन’ तथा राजस्थानी गीत की संगीतकार गौरीश्ंाकर सोनी ने प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के शुरूआत में युवा साहित्यकार कासीम बीकानेरी ने लक्ष्मीनारायण रंगा के जीवनवृत पर प्रकाश डाला। वहीं कार्यक्रम के अंत में प्रो. नरसिंह बिन्नानी ने संस्था की तरफ से आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में कमल रंगा, मोहम्मद फारूक, शिव दाधीच, अविनाश व्यास, राजेश रंगा, जुगल किशोर पुरोहित, आत्माराम भाटी, सुनील बोड़ा, पुनीत रंगा, गिरिराज पारीक, गोपाल व्यास, उषा बिस्सा, दीक्षा व्यास, महावीर स्वामी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें।
कल दिनांक 18 अक्टूबर 2026 को सायं 5ः15 बजे लक्ष्मीनारायण रंगा के रचना संसार ‘‘रंगकर्म, षिक्षा एवं साहित्य’’ पर युवा कथाकार हरीश बी. शर्मा व्याख्यान देगें। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी एवं राजस्थानी के मूर्धन्य साहित्यकार मालचंद तिवाड़ी करेगें।
कार्यक्रम का संयोजन राजस्थानी वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा के मार्गदर्शन में होगा। इस कार्यक्रम में आप सभी सादर आमंत्रित है।


