July 24, 2026
MG NEWS

मरुधर गूंज, बीकानेर (24 जुलाई 2026)।

गुरु पूर्णिमा का पर्व इस बार लोगों के लिए खास माना जा रहा है। इस बार गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार गुरु पूर्णिमा का प्रभाव उन शहरों पर ज्यादा शुभ माना जा रहा है जो दक्षिण और पूर्व दिशा में बसे हैं। इसलिए, यहां रहने वाले लोगों के लिए यह दिन खास फल देने वाला बताया जा रहा है। हालांकि, सिर्फ शुभ समय होने से ही बात नहीं बनती, बल्कि कुछ आसान उपाय भी करने जरूरी माने गए हैं। अगर श्रद्धा और विश्वास के साथ इन उपायों को किया जाए तो मन शांत रहता है… काम में मन लगता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

गुरु जीवन को सही राह दिखाने वाले होते हैं

जीवन में गुरु का होना बहुत जरूरी है। गुरु ही इंसान को अंधेरे से उजाले की तरफ ले जाता है। बचपन में माता-पिता ही हमारे पहले गुरु होते हैं। वही हमें चलना, बोलना, रहना, खाना और अच्छे संस्कार सिखाते हैं। इसके बाद स्कूल में शिक्षक गुरु बनते हैं और फिर जीवन के हर काम में कोई न कोई हमें रास्ता दिखाता है। चाहे पहलवानी सीखनी हो…गाड़ी चलानी हो या कोई हुनर सीखना हो…हर जगह गुरु की जरूरत पड़ती है।

रामचरितमानस में गुरु का महत्व… भगवानों ने भी माना मार्गदर्शन

महेन्द्र कुमार छंगाणी ने रामचरितमानस में भी गुरु का महत्व बताया गया है। उसमें लिखा है…गुरु बिनु भव निधि तरइ न कोई, जो बिरंचि शंकर सम होई.. यानी गुरु के बिना इस संसार रूपी सागर को कोई पार नहीं कर सकता, चाहे वह कितना भी बड़ा या ज्ञानी क्यों न हो। भगवान श्रीराम ने भी महर्षि वशिष्ठ को अपना गुरु बनाया था और भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि सांदीपनि से शिक्षा ली थी। इससे साफ होता है कि जब भगवानों ने भी गुरु का मार्ग अपनाया… तो आम इंसान के लिए गुरु का महत्व कितना बड़ा है।

गुरु पूर्णिमा पर शिव-हनुमान पूजा से मिलेगा शुभ फल

महेन्द्र कुमार छंगाणी ने इस गुरु पूर्णिमा से अगले एक महीने तक भगवान शिव की पूजा जरूर करनी चाहिए। रोज सुबह शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और पूरी श्रद्धा से भगवान शिव का स्मरण करें। साथ ही हनुमान जी की भी पूजा करें। ऐसा करने से मन शांत रहता है, बेवजह की चिंता कम होती है और इंसान का ध्यान अपने काम पर लगता है। इससे सोच अच्छी होती है और आगे बढ़ने की ताकत मिलती है।

गुरु पूर्णिमा पर गीता पढ़ें, जीवन सही राह पर चले

महेन्द्र कुमार छंगाणी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण को जगतगुरु कहा जाता है। इसलिए इस समय भगवत गीता का पाठ सुनना या पढ़ना भी बहुत अच्छा माना गया है। अगर इंसान गीता की बातों को अपने जीवन में उतारने की कोशिश करे तो उसकी सोच सही दिशा में जाती है। काम-धंधे में मन लगता है, फैसले अच्छे होते हैं और परिवार में भी सुख-शांति बनी रहती है। गुरु पूर्णिमा सिर्फ पूजा का दिन नहीं है, बल्कि अपने जीवन में सही रास्ता चुनने और गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का भी सबसे अच्छा अवसर है।