
मरुधर गूंज, बीकानेर (5 अगस्त 2026)।
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना गया है लेकिन सावन माह में आने वाली कामिका एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा, व्रत, मंत्र जाप तथा दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, समृद्धि, धन-धान्य और सौभाग्य का आगमन होता है। मान्यता है कि कामिका एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और पापों से मुक्ति का आशीर्वाद देते हैं। इस साल कामिका एकादशी पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्य महेन्द्र कुमार से जानते हैं इसकी तिथि, व्रत का महत्व और क्या करें और क्या न करें।
ज्योतिषाचार्य महेन्द्र कुमार ने कहा कि वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 8 अगस्त 2026 को रात 1 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि 9 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजकर 04 मिनट पर समाप्त होगी। हिंदू धर्म में व्रत की तिथि तय करने में उदयातिथि का विशेष महत्व है। चूंकि 9 अगस्त को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इस साल कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त 2026, दिन रविवार को रखा जाएगा।
कामिका एकादशी व्रत का लाभ
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत, पूजा और श्रीहरि के नाम का स्मरण करने से जीवन के अनेक पापों का नाश होता है। शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत गंभीर पापों के दोषों से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। भगवान विष्णु की कृपा से सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और अंत में मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
एकादशी व्रत के दिन क्या करें?
एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद श्रद्धापूर्वक व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके पश्चात भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजन करें और उन्हें पीले पुष्प, पीले वस्त्र और पीली मिठाई का भोग अर्पित करें क्योंकि पीला रंग श्रीहरि को अत्यंत प्रिय माना जाता है। माता लक्ष्मी की पूजा भी अवश्य करें. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित कर परिक्रमा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इन बातों का जरूर रखें ध्यान
- एकादशी व्रत के दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए।
- एकादशी का व्रत नहीं रखने वालों को भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
- एकादशी व्रत के दिन बाल और नाखून काटने की भूल न करें।
- एकादशी व्रत के दिन ब्राह्मणों को कुछ दान अवश्य करना चाहिए।
- एकादशी व्रत का पारण करने के बाद अन्न का दान करना शुभ माना गया है।


