September 30, 2026
MG NEWS

मरुधर गूंज, बीकानेर (06 जुलाई 2026)।

आषाढ़ महीने के गुप्त नवरात्र की शुरुआत 15 जुलाई से होगी और यह 22 जुलाई तक 8 दिन चलेगा। इस गुप्त नवरात्र में एक दिन चतुर्थी तिथि का क्षय हो रहा है। वहीं नवरात्र के दौरान कई विशेष योग भी बन रहे हैं।

इनमें अमृत सिद्धि योग, सवार्थ सिद्धि योग, चंद्रमा का स्थिर राशि में होना और पुष्य नक्षत्र का संयोग बनेगा। तंत्र साधकों के लिए गुप्त नवरात्र सर्वश्रेष्ठ माना गया है। ऐसे में इन योगों के बनने से उनकी साधना और सार्थक होगी।

22 जुलाई को भड़ली नवमी

गुप्त नवरात्र के अंतिम दिन 22 जुलाई को भड़ली नवमी है। इस दिन मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त या पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती, इस दिन को अबूझ मुहूर्त माना जाता है।

गुप्त नवरात्र में होती है दशमहाविद्याओं की साधना

गुप्त नवरात्र के दौरान तंत्र साधना करने वाले साधक दशमहाविद्याओं की साधना करते हैं। इस दौरान नाम जाप सहित कई अनुष्ठान भी किए जाते हैं। जिससे साधकों की आध्यात्मिक उन्नति होती है।