July 6, 2026
MG NEWS

मरुधर गूंज, बीकानेर (06 जुलाई 2026)।

हिंदू पंचांग के अनुसार, जुलाई का महीना धार्मिक रूप से अत्यंत फलदायक और शुभकारक माना जाता है। जैसे ही जून विदा लेता है, वैसे ही जुलाई का आगमन व्रत-त्योहारों की भरमार के साथ होता है। ज्येष्ठ माह का समापन और आषाढ़ माह की शुरुआत इस महीने में होती है, जिससे यह समय पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तम माना जाता है।

इस बार जुलाई का महीना धार्मिक रूप से खास रहने वाला है। वैदिक पंचाग के अनुसार इस माह में कई बड़े पर्व और व्रत पड़ने जा रहे हैं, जो जनमानस के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करेंगे। धार्मिक दृष्टि से जुलाई का महीना बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण है, जिसमें चातुर्मास की शुरुआत होती है। इस माह में देवशयनी एकादशी और गुरु पूर्णिमा जैसे प्रमुख त्योहार आते हैं, जो आध्यात्मिक साधना, व्रत, उपवास और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।

जुलाई के प्रमुख व्रत और त्योहार –

  • 3 जुलाई – (शुक्रवार) – कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी, इस पावन तिथि पर भगवान गणेश के ‘कृष्णपिङ्गल’ स्वरूप की आराधना की जाती है।

  • 6 जुलाई – (सोमवार) – कालाष्टमी का पावन पर्व भगवान शिव के उग्र स्वरूप भगवान काल भैरव को समर्पित है। यह दिन साधना, नकारात्मक शक्तियों से रक्षा और निर्भयता की प्राप्ति के लिए विशेष महत्व रखता है।

  • 10 जुलाई – (शुक्रवार) – योगिनी एकादशी : पद्म पुराण के अनुसार, इस एकादशी का व्रत बड़े पापों और नकारात्मक कर्मों के प्रभाव मिटाने वाला माना गया है।

  • 12 जुलाई – (रविवार) – रवि प्रदोष व्रत एवं मासिक शिवरात्रि : जुलाई के महीने में शिव साधना के लिए एक अद्भुत संयोग बन रहा है।

  • 14 जुलाई – (मंगलवार) – आषाढ़ अमावस्या : यह पावन पर्व मन की शांति, साधना, ईश्वर आराधना और मंत्र जाप के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

  • 15 जुलाई – (बुधवार) – आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आरंभ : गुप्त नवरात्रि को शक्ति साधना और देवी आराधना के लिए अत्यंत शुभ और सिद्धिदायक माना जाता है।

  • 16 जुलाई – (गुरुवार) – जगन्नाथ रथयात्रा एवं कर्क संक्रांति : आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर ओडिशा के पुरी में विश्वविख्यात भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाती है।

  • 17 जुलाई – (शुक्रवार) – अनिरुद्ध विनायक चतुर्थी : भगवान गणेश को समर्पित यह दिन सुख-समृद्धि की कामना के लिए शुभ माना जाता है।

  • 22 जुलाई – (बुधवार) – भड़ली नवमी (अबूझ मुहूर्त) : हिंदू सनातन धर्म में भड़ली नवमी को विवाह आदि मांगलिक कार्यों के लिए एक ‘अबूझ मुहूर्त’ (बिना पंचांग देखे शुभ काम करने का दिन) माना गया है।

  • 25 जुलाई – (शनिवार) – देवशयनी एकादशी (चातुर्मास प्रारंभ) : इसी दिन से भगवान श्रीहरि विष्णु चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में लीन हो जाते हैं।

  • 26 जुलाई – (रविवार) – रवि प्रदोष व्रत: महादेव की असीम कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे।

  • 28 जुलाई – (मंगलवार) – कोकिला व्रत: अखंड सौभाग्य और मनचाहे वर की कामना से महिलाएं और कन्याएं इस दिन मां पार्वती का विधि-विधान से पूजन करती हैं।

  • 29 जुलाई – (बुधवार) – गुरु पूर्णिमा एवं आषाढ़ पूर्णिमा: जुलाई महीने का समापन गुरु पूर्णिमा जैसे महान पर्व के साथ होगा।