
मरुधर गूंज, बीकानेर (20 अगस्त 2026)।
विप्र फाउंडेशन बीकानेर शहर युवा प्रकोष्ठ की नई कार्यकारिणी की घोषणा आज विधिवत रूप से की गई। संगठन को अधिक सक्रिय, मजबूत एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से युवाओं को विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं।
कार्यकारिणी का गठन विप्र फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री धनसुख सारस्वत एवं युवा प्रदेश प्रभारी श्री सुनील मिश्र की अनुशंसा, युवा प्रदेशाध्यक्ष दीपक शर्मा, युवा प्रदेश संगठन महामंत्री भरत शर्मा एवं युवा प्रदेश महामंत्री एडवोकेट पंकज पीपलवा के अनुमोदन तथा बीकानेर शहर युवा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार व्यास की सहमति से किया गया है।
बीकानेर शहर युवा प्रकोष्ठ के संगठन महामंत्री अश्विनी कुमार शर्मा ने बताया कि युवराज व्यास को महामंत्री, गोकुल पारीक, सौरभ शर्मा, गिरिराज आचार्य, केशव सांखी, विपुल व्यास एवं विकास शर्मा को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
इसी प्रकार अमन पारीक, श्रीमोहन पुरोहित, शिवम श्रीमाली एवं ताराचंद पंचारिया को सचिव तथा अरविंद भादानी, भूपेंद्र जोशी, नितेश शर्मा एवं नवरतन ओझा को सह-सचिव बनाया गया है।
मीडिया एवं आईटी की जिम्मेदारी सुशील आचार्य को प्रभारी तथा कृष्ण कुमार सेवग को सह-प्रभारी दी गई है। वहीं विजय आचार्य को आईटी सह-प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा विधिक सलाहकार, खेल प्रकोष्ठ संयोजक, सह-संयोजक सहित विभिन्न दायित्वों पर भी युवाओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
बीकानेर शहर युवा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार व्यास ने कहा कि नई कार्यकारिणी में सक्रिय एवं समर्पित युवाओं को अवसर दिया गया है। सभी पदाधिकारी संगठन की विचारधारा और रीति-नीति के अनुरूप कार्य करते हुए समाजहित में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति संगठन की सबसे बड़ी ताकत है और नई कार्यकारिणी के माध्यम से संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने का प्रयास किया जाएगा।
संगठन महामंत्री अश्विनी कुमार शर्मा ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नई कार्यकारिणी के गठन से संगठन की गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से संगठन के प्रति सक्रियता, निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए विप्र फाउंडेशन की रीति-नीति के अनुरूप संगठन एवं समाजहित में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी से विप्र फाउंडेशन बीकानेर शहर युवा प्रकोष्ठ और अधिक मजबूत होगा तथा समाज में संगठनात्मक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।






