July 22, 2026
MG NEWS

मरुधर गूंज, बीकानेर (22 जुलाई 2026)।

30 जुलाई से श्रावण मास शुरू हाे जाएगा, जिसका समापन 28 अगस्त काे होगा। इस साल श्रावण मास में भगवान शिव की विशेष आराधना के लिए मात्र चार ही सोमवार मिलेंगे, लेकिन अच्छी बात यह रहेगी कि केतु याेग के साथ शुरू हो रहे श्रावण में बारिश की भरपूर संभावना है।

चार में से दो साेमवार पंचमी को, एक सोम प्रदोष और एक सोमवार पुत्रदा एकादशी के दिन रहेगा। इन खास तिथियों पर पढने वाले सोमवार को श्रद्धालु खास पूजन, अभिषेक करा सकेंगे।

श्रवण नक्षत्र के साथ ही हो रहा प्रारंभ

इधर शहर में श्रावण मास को लेकर मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बता दें कि श्रावण मास 30 जुलाई दिन गुरुवार से श्रवण नक्षत्र के साथ ही प्रारंभ हो रहा है जो अत्यंत ही श्रेष्ठ फलकारक, संपूर्ण कामनाओं को पूर्ण करने वाला सभी प्रकार के अनुष्ठानों के लिए अत्यंत ही शुभ फल को देने वाला रहेगा।

केतु योग के होने से बारिश की अच्छी बन रही संभावना

ज्योतिषाचार्य महेंद्र कुमार छंगाणी ने बताया कि श्रवण नक्षत्र के साथ केतु योग के होने से इस माह में बारिश की भी अच्छी संभावना बन रही है। उनका कहना है कि केतु बारिश का कारक ग्रह होता है। पिछले साल श्रद्धालुओं को पांच सोमवार व्रत,पूजन करने का मौका मिला था, लेकिन इस साल श्रावण माह में केवल चार सोमवार पढ़ रहे हैं, लेकिन यह सभी सोमवार अत्यंत ही उत्तम योग के साथ हैं।

दो सोमवार पंचमी तिथि पर

ज्योतिषाचार्य महेंद्र कुमार छंगाणी के अनुसार दो सोमवार पंचमी तिथि पर पड़ेंगे। एक सोमवार सोम प्रदोष के साथ पड़ेगा ओर एक सोमवार पुत्रदा एकादशी के दिन पड़ेगा। अतः इन सोमवारों पर भगवान शिव की पूजन अत्यंत ही शुभप्रद, लाभप्रद ओर अमृत योग को देने वाली रहेगी।

पार्थिव शिवलिंग बनाकर करें पूजन

उन्होंने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का महापर्व है। पूरे माह भगवान शिव की पूजन करने का विधान है। उन्होंने बताया कि हर दिन श्रद्धालुओं को पार्थिव (मिट्टी) शिवलिंग बनाकर दूध, दही, घी, शकर, शहद, भांग, धतूरा, बिल्बपत्र इत्यादि से पूजन करना चाहिए। अन्य दिनों की अपेक्षा श्रावण मास में अभिषेक, पूजन, व्रत आदि करने से कई गुना अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है।