
विप्र फाउंडेशन ने पंचायत-निकाय चुनावों में प्रतिनिधित्व और स्वतंत्र ईडब्ल्यूएस आयोग गठन की उठाई मांग
मरुधर गूंज, हनुमानगढ़ (22 जुलाई 2026)।
आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी रक्षा तथा आरक्षण व्यवस्था के बेहतर क्रियान्वयन की मांग को लेकर विप्र फाउंडेशन, जिला हनुमानगढ़ की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिलाध्यक्ष कालूराम शर्मा के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से ईडब्ल्यूएस वर्ग को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं में प्रभावी अवसर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया।
जिलाध्यक्ष कालूराम शर्मा ने बताया कि भारत के संविधान के 103वें संविधान संशोधन के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को शिक्षा एवं सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार प्रदान किया गया है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को समान अवसर देकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। हालांकि, वर्तमान में अनेक पात्र परिवार प्रमाण-पत्र निर्माण, आय सीमा की व्याख्या, पात्रता संबंधी जटिलताओं तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के कारण इस व्यवस्था का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि आगामी पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों में ईडब्ल्यूएस वर्ग को संविधान की भावना के अनुरूप उचित प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण प्रदान किया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग की लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में भी उनकी प्रभावी भूमिका बन सके।
इसके साथ ही राजस्थान में एक स्वतंत्र एवं सशक्त ईडब्ल्यूएस आयोग के गठन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रस्तावित आयोग को ईडब्ल्यूएस वर्ग से संबंधित आय सीमा एवं पात्रता मानकों की समय-समय पर समीक्षा करने, प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने, आरक्षण एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करने तथा पात्र नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करने का दायित्व दिए जाने की मांग की गई। आयोग द्वारा राज्य सरकार को समय-समय पर आवश्यक नीतिगत सुझाव देने की व्यवस्था भी करने का आग्रह किया गया।
विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष कालूराम शर्मा ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और उन्हें योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाने के लिए इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक निर्णय लिए जाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार सकारात्मक पहल कर लाखों ईडब्ल्यूएस परिवारों को न्याय, समान अवसर और प्रभावी प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष कालूराम शर्मा, युवा जिलाध्यक्ष सचिन कौशिक, भारत भूषण शर्मा, हंसराज शर्मा, नरेश पुरोहित, गोपाल शर्मा शेरू, बलदेव सारस्वत, लोकेश शर्मा, वेद तिवाड़ी नोहर, महेश शर्मा, एलडी तावनिया, देवीलाल शर्मा व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।


