July 2, 2026
MG NEWS

मरुधर गूंज, बीकानेर (02 जुलाई 2026)।

जुलाई का महीना राशि परिवर्तन के अनुसार विशेष होगा। इसमें दांपत्य सुख और ऐश्वर्य प्रदान करने वाले शुक्र का राशि परिवर्तन होगा, जबकि देवगुरु बृहस्पति अस्त होंगे। वे 28 दिन अस्त रहेंगे। जहां पिता सूर्य राशि परिवर्तन करेंगे, वहीं पुत्र शनि वक्री होंगे। बुध मार्गी होकर 24 जुलाई को सीधी चाल चलेंगे। ज्योतिर्विदों के मुताबिक प्रमुख चार ग्रहों के राशि परिवर्तन का प्रभाव विभिन्न राशियों के जातकों पर अलग-अलग पड़ेगा।

ज्योतिर्विदों के मुताबिक जुलाई का महीना जीवन की रफ्तार को थोड़ा धीमा करके आत्मचिंतन और जरूरी सुधार करने का संकेत दे रहा है। शुक्र चार जुलाई को सिंह राशि की यात्रा शुरू कर रहे हैं। यह गोचर रिश्तों में मधुरता और खुद को व्यक्त करने के साथ आत्मविश्वास लेकर आएगा।

सूर्य 16 जुलाई को कर्क राशि में प्रवेश

देवगुरु बृहस्पति 15 जुलाई अस्त हो जाएंगे और 28 दिनों तक इसी अवस्था में रहेंगे। सूर्य 16 जुलाई को मिथुन से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। ग्रहों के इस परिवर्तन से जातकों का झुकाव अपनी भावनाओं, परिवार और आंतरिक सुख-सुविधाओं की तरफ अधिक बढ़ेगा।

बुध 24 जुलाई को मार्गी

ज्योतिर्विदों के मुताबिक बुध 29 जून को मिथुन राशि में वक्री हो चुके हैं। वे जुलाई के अधिकांश समय इसी अवस्था में रहने वाले हैं। यह वक्री चाल सभी को थोड़ा रुकने और योजनाओं पर दोबारा विचार करने के लिए प्रेरित कर रही है।

बुध 24 जुलाई को मार्गी होंगे। इससे व्यापार और संवाद में आ रही रुकावटें दूर होंगी। कर्म और न्याय के देवता शनि 27 जुलाई को मीन राशि में उल्टी चाल चलना शुरू करेंगे। यह समय आत्मचिंतन, अनुशासन और रुके कार्यों की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण होगा।

इनको मिलेगा धन लाभ, किनका अटके काम

ज्योतिर्विदों के मुताबिक यह राशि परिवर्तन विभिन्न राशियों के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव पढ़ेगा। इसमें मेष को धन लाभ हो सकता है तो सिंह राशि वालों के आत्मविश्वास और विश्वासिता में वृद्धि होगी। मिथुन के अटके काम पूरे होंगे। साथ ही कन्या राशि वालों के व्यक्तिगत संबंध में मजबूती आएगी। कर्क राशि वालों को यह समय शांत और धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त अन्य शेष सात राशि के जातकों के लिए यह समय मिश्रित होगा।

वक्री होंगे शनिदेव

इस माह होने वाले सबसे महत्वपूर्ण गोचर में शनिदेव का वक्री होना है। इसमें 27 जुलाई को 138 दिनों के लिए शनिदेव मीन राशि में वक्री होकर उल्टी चाल चलेंगे। इसके बाद 11 दिसंबर को शनिदेव मार्गी होंगे। ज्योतिर्विदों के मुताबिक यह समय कर्मों के मूल्यांकन के लिए महत्वपूर्ण बताई गई है। शनिदेव की उल्टी चाल का प्रभाव सभी राशियों पर पढ़ेगा।