October 30, 2026
MG NEWS

मरुधर गूंज, बीकानेर (30 अक्टूबर 2026)।

नवग्रहों में गुरु पद प्राप्त बृहस्पति 31 अक्टूबर को कर्क राशि छोड़कर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार बृहस्पति का यह राशि परिवर्तन सामान्य नहीं, बल्कि अतिचारी गति से होने वाला विशेष गोचर है।

ज्योतिषीय मान्यता है कि इसके प्रभाव से देश-दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था, औद्योगिक नीतियों तथा सामाजिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के प्रति जनमानस का रुझान बढ़ेगा। वहीं बृहस्पति का केतु से युति तथा शनि से दृष्टि संबंध वैज्ञानिक अनुसंधान से लेकर प्राकृतिक परिस्थितियों तक नए संकेत दे रहा है।

ज्योतिषाचार्य पं.महेन्द्र कुमार ने बताया भारतीय ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को बैंकिंग, ब्याज दर, स्वर्ण, अनाज, विकास तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व का कारक माना गया है।

ज्योतिषाचार्य पं.महेन्द्र कुमार के अनुसार सिंह राशि में बृहस्पति के प्रवेश से आर्थिक नीतियों में परिवर्तन के योग बनेंगे। विशेष रूप से बैंकिंग क्षेत्र, औद्योगिक विकास और निवेश संबंधी नीतियों में बदलाव दिखाई दे सकते हैं। भारतीय राजनीति के साथ विश्व के राजनीतिक परिदृश्य पर भी इसका प्रभाव पड़ने की प्रबल संभावना है।

धर्म-अध्यात्म के प्रति बढ़ेगी आस्था

सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, जिन्हें ज्योतिष में सत्ता, प्रतिष्ठा, पराक्रम और आत्मबल का कारक माना जाता है। वहीं बृहस्पति धर्म, ज्ञान, अध्यात्म और संस्कृति के प्रतिनिधि ग्रह हैं। ऐसे में गुरु का सिंह राशि में प्रवेश धार्मिक चेतना को प्रबल करने वाला माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस कालखंड में धर्म-अध्यात्म के प्रति समर्पण बढ़ेगा तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

गुरु-शनि का षडाष्टक संबंध, मौसम में बदलाव के संकेत

बृहस्पति के सिंह राशि में प्रवेश के बाद शनि से षडाष्टक संबंध बनेगा। ज्योतिषीय दृष्टि से इस ग्रह स्थिति को विशेष माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य पं. महेन्द्र कुमार के अनुसार दिसंबर और जनवरी में मौसम तथा जलवायु संबंधी असामान्य परिस्थितियां बन सकती हैं। पूर्व और पश्चिम दिशा से जुड़े देशों में तूफान, भूस्खलन तथा हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक घटनाओं की आशंका व्यक्त की गई है। हालांकि प्राकृतिक आपदाओं का वैज्ञानिक पूर्वानुमान मौसम और भूगर्भीय आंकड़ों के आधार पर ही किया जाता है।

गुरु-केतु की युति से अनुसंधान और नवाचार को गति के योग

वर्तमान में केतु सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं। बृहस्पति के इसी राशि में प्रवेश करने से गुरु-केतु की युति बनेगी। ज्योतिषाचार्य पं. महेन्द्र कुमार के अनुसार यह संयोग वैज्ञानिक अनुसंधान, शिक्षा, प्रशासनिक सुधार तथा नवाचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शोध के क्षेत्र में नए प्रयोग तथा शैक्षणिक गतिविधियों में सकारात्मक परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं।

किस राशि पर कैसा रहेगा प्रभाव

  • मेष : मित्रों का सहयोग मिलेगा। संपत्ति में वृद्धि के योग।

  • वृषभ : संपत्ति से जुड़े मामलों में नई रूपरेखा तय होगी।

  • मिथुन : मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। रुके कार्य आगे बढ़ेंगे।

  • कर्क : निवेश से पहले विचार करें। खर्च बढ़ने के संकेत।

  • सिंह : धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। अनुकूल परिस्थितियों का सहयोग मिलेगा।

  • कन्या : आर्थिक नुकसान की आशंका। लेनदेन में सावधानी रखें।

  • तुला : पूर्व में किए गए निवेश से लाभ मिलने के योग।

  • वृश्चिक : नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा। महत्वपूर्ण मुलाकातें होंगी।

  • धनु : भाग्य का साथ मिलेगा। अचानक सकारात्मक परिवर्तन के योग।

  • मकर : निर्णय सोच-समझकर लें। सावधानी से आगे बढ़ें।

  • कुंभ : विवादों से दूर रहें। संयम बनाए रखना हितकर होगा।

  • मीन : वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखें। धैर्य से काम लें।