
मरुधर गूंज, जयपुर/बीकानेर (01 सितम्बर 2026)।
राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बना वेल मार्क लो प्रेशर एरिया (WML) आगामी 48 घंटों में धीरे-धीरे उत्तरी ओडिशा और झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 2-3 सितंबर से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। वहीं 4 से 7 सितंबर के दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में मेघगर्जन के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
कोटा संभाग में भारी बारिश की संभावना
4 से 7 सितंबर के दौरान कोटा संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज अथवा भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।
बीकानेर-जोधपुर संभाग में कमजोर रहेगा मानसून
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में आगामी दिनों में मानसून की परिस्थितियां कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग ने राहत के संकेत देते हुए बताया है कि 4 से 6 सितंबर के दौरान बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
8 सितंबर से फिर कम होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 8 सितंबर से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिर से कमी आने की प्रबल संभावना है। यानी प्रदेश में बारिश का यह दौर कुछ दिनों तक सक्रिय रहने के बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, सितंबर की शुरुआत में राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में मानसून फिर जोर पकड़ सकता है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में बारिश सीमित रहने के आसार हैं। बीकानेर संभाग के लोगों को 4 से 6 सितंबर के बीच मौसम में संभावित बदलाव पर नजर रखने की जरूरत होगी।



