

मरुधर गूंज, बीकानेर (31 जनवरी 2026)।
हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन माघ पूर्णिमा का महत्व आध्यात्मिक दृष्टि से और भी बढ़ जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सभी देवी-देवता स्वर्ग से उतरकर पृथ्वी पर आते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माघ पूर्णिमा की रात कुछ विशेष स्थानों को रोशन करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन की स्थिरता बनी रहती है। आइए जानते हैं वे कौन से 4 स्थान हैं जहाँ दीपक जलाना आपके भाग्य को चमका सकता है।
माघ पूर्णिमा की रात इन स्थानों को करें रोशन
यदि आप भी अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा और लक्ष्मी का वास चाहते हैं, तो इस रात ये गुप्त उपाय जरूर करें…
घर का मुख्य द्वार : वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार से ही घर में ऊर्जा और लक्ष्मी का प्रवेश होता है। माघ पूर्णिमा की शाम मुख्य द्वार के दोनों ओर शुद्ध घी के दीपक जलाएं। ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और घर में सौभाग्य का आगमन होता है।
तुलसी का चौरा : तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप और भगवान विष्णु की प्रिया माना जाता है। पूर्णिमा की रात तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाने से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है और विष्णु-लक्ष्मी की संयुक्त कृपा से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
रसोई घर (अन्नपूर्णा स्थान) : रसोई घर को मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है। इस रात रसोई में पीने के पानी के स्थान या चूल्हे के पास एक दीपक अवश्य जलाएं। मान्यता है कि इससे घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती और मां अन्नपूर्णा का भंडार हमेशा भरा रहता है।
जल का स्थान (तिजोरी और धन का प्रतीक) : शास्त्रों में जल को धन का प्रतीक माना गया है। घर में जहाँ पानी का स्रोत हो या नल/टंकी हो, उस स्थान के पास दीपक जलाने से आर्थिक तंगी दूर होती है। यह उपाय घर में धन की स्थिरता सुनिश्चित करता है।
सफलता के लिए रखें इन बातों का ध्यान
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पवित्रता : दीपक जलाते समय मन में शुद्ध विचार रखें और किसी के प्रति द्वेष न पालें।
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तेल का चयन : दीपक में शुद्ध गाय का घी या तिल के तेल का ही प्रयोग करें।
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सात्विकता : पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) से पूरी तरह परहेज करें।


