
मरुधर गूंज, बीकानेर (16 अगस्त 2025)।
सिंतबर के महीने में इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को एक शुभ अवधि के रूप में नहीं देखा जाता है। ऐसे में इस दौरान कई तरह के नियमों का भी ध्यान रखा जाता है, ताकि इसके बुरे परिणामों से बचा जा सके। चलिए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के दिन आपको क्या करना चाहिए और कामों को करने से बचना चाहिए।
कब लगेगा सूर्य ग्रहण
साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण गुरुवार 21 सितंबर 2025 को रात 10 बजकर 59 मिनट से शुरुआत होगा। इसका समापन 22 सितम्बर अहले सुबह 03 बजकर 23 मिनट में होगा। हालांकि यह साल का दूसरा सूर्य ग्रहण आंसिक रहने वाला है। सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। लेकिन एहतियात के तौर पर आप कुछ सावधानियां बरती सकते हैं। हालांकि पूजा पाठ शुभ कार्य इत्यादि चीजों की मनाही नहीं होगी, लेकिन राशियों पर इसका प्रभाव अवश्य पड़ेगा।
जरूर करें ये काम
माना जाता है कि ग्रहण की अवधि में सूतक काल लगने पर वातावरण में नकारात्मक ऊर्जाओं का संचार बढ़ जाता है। ऐसे में आप ग्रहण काल में तुलसी के पत्ते खाने की चीजों में डाल सकते हैं। ऐसा करने से ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सकता है।
करें ये काम
सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ आदि करना शुभ नहीं माना जाता। लेकिन आप इस अवधि में भगवान विष्णु का ध्यान व उनके मंत्रों का जप कर सकते हैं। इसके साथ आपको गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का भी जप करना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं ध्यान रखें ये बातें
सूर्य ग्रहण की अवधि में गर्भवती महिलाओं को कुछ नियमों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। इस समय में भोजन करने, दिन में सोने आदि से बचना चाहिए। साथ ही सूर्य ग्रहण के दौरान नुकीली चीजों के उपयोग से भी दूरी बनानी चाहिए और न ही सुई-धागे का उपयोग करना चाहिए।
भूल से भी न करें ये काम
सूर्य ग्रहण को कभी भी नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए, यह नुकसानदायक हो सकता है। इसके साथ ही ग्रहण में बाल और नाखून काटने से भी बच चाहिए और कहीं बाहर की यात्रा नहीं करनी चाहिए। सूतक काल के नियम बालक या वृद्ध और बीमार व्यक्ति पर लागू नहीं होते।
सूर्य ग्रहण गुरुवार के दिन लग रहा है। ऐसे में इस दिन पर तुलसी में जल अर्पित न करें और न ही तुलसी के पत्ते तोड़ें। भोजन आदि में डालने के लिए तुलसी के पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।



