March 21, 2026
MG NEWS
नौ कुंडीय

मरुधर गूंज, बीकानेर (21 मार्च 2026)।

चैत्र नवरात्र का पावन पर्व बेहद शुभ माना जाता है। इस साल इसकी शुरुआत 19 मार्च यानी आज से हो चुकी है। ऐसा कहा जाता है कि नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों को उनकी पसंद का विशेष भोग अर्पित करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए माता रानी के नौ रूपों को प्रसन्न करने वाले नौ दिव्य भोगों के बारे में जानते हैं, जो इस प्रकार हैं –

 

मां शैलपुत्री

नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इन्हें गाय के शुद्ध घी का भोग लगाना चाहिए। इससे भक्त को आरोग्य की प्राप्ति होती है और शरीर रोगों से मुक्त रहता है।

मां ब्रह्मचारिणी

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इन्हें शक्कर, सफेद मिठाई और पंचामृत का भोग बहुत प्रिय है। देवी को इसे अर्पित करने से लंबी आयु और सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।

मां चंद्रघंटा

तीसरे दिन दुखों का नाश करने वाली मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। इन्हें दूध से बनी मिठाइयां या खीर अर्पित करनी चाहिए। इससे मानसिक शांति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

मां कुष्मांडा

चौथे दिन मां कुष्मांडा को मालपुआ चढ़ाया जाता है। इस भोग को चढ़ाने से बुद्धि तेज होती है और निर्णय शक्ति बढ़ती है।

मां स्कंदमाता

पांचवें दिन कार्तिकेय जी की माता स्कंदमाता की पूजा होती है। मां को केला विशेष रूप से अर्पित किया जाता है। ऐसा करने से अच्छी सेहत और संतान सुख की प्राप्ति होती है।

मां कात्यायनी

छठे दिन महिषासुर मर्दिनी मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इससे साधक के व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ता है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

मां कालरात्रि

सातवें दिन शत्रुओं का नाश करने वाली मां कालरात्रि को गुड़ चढ़ाया जाता है। इससे गुप्त शत्रुओं से रक्षा होती है और घर में सुख-सौभाग्य आता है।

मां महागौरी

अष्टमी के दिन मां महागौरी को नारियल का भोग लगाया जाता है। इससे संतान से जुड़ी मुश्किलों का अंत होता है। साथ ही सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

मां सिद्धिदात्री

नवमी के दिन पूर्णता प्रदान करने वाली मां सिद्धिदात्री को तिल, हलवा, पूरी और काले चने का भोग लगाया जाता है। इससे जीवन में सिद्धि, रिद्धि और भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।

पूजा की महत्ता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के ये नौ दिन केवल उपवास के नहीं बल्कि अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने और आध्यात्मिक ऊर्जा संचय करने के होते हैं। ज्योतिषियों का मानना है कि इस वर्ष की चैत्र नवरात्रि विशेष संयोगों के साथ आई है, जो जातकों के लिए आर्थिक और मानसिक शांति के मार्ग खोलेगी।

विशेष टिप

भोग लगाने के पश्चात उसे प्रसाद के रूप में परिवार और जरूरतमंदों में बांटना अत्यंत शुभ माना जाता है।