January 1, 2026
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151 मंदिरों में दिव्य व विशेष पूजन भोग के अनुष्ठान होंगे

मरुधर गूंज, बीकानेर (08 दिसम्बर 2025)।

भारतीय संस्कृति एव सनातन सार्वभौम महासभा की ओर से वर्ष पर्यंत का 43 वा पूजन अनुष्ठान पूजन अनुष्ठान के साधक पंडित योगेन्द्र कुमार दाधीच ( राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय संस्कृति एवं सनातन सार्वभौम महासभा, राष्ट्रीय संयोजक श्री विप्र महासभा, राष्ट्रीय महामंत्री ब्राह्मण अंतरराष्ट्रीय संगठन, अध्यक्ष श्री दिव्य शिव शक्ति पीठ) की अगुवाई में लगातार जारी हे इसके अंतर्गत प्रत्येक माह के विशेष पर्व को सनातन उत्सव के रूप में मनाया जाता है। मल व पौष मास में पौष बड़ा उत्सव 15 दिसंबर 2025 से 13 जनवरी 2026 के मध्य राजस्थान प्रदेश भर के प्रत्येक ज़िला मुख्यालय पर कम से कम एक मन्दिर में मनाते हुवे पौष बड़ा महोत्सव के पूजन अनुष्ठान के अन्तर्गत प्रदेश भर में कम से कम 151 मन्दिर में आहूत किया जा रहा है। इसके साथ मकर संक्रांति महोत्सव 14 जनवरी 2026 को प्रदेश भर में एक साथ 151 से अधिक मंदिरों में आहूत किया जा रहा है।

43 वे पूजन अनुष्ठान के पोष बड़ा महोत्सव व मकर संक्रांति महोत्सव के डिजिटल कार्ड व बैनर का भव्य विमोचन नगर सेठ श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर बीकानेर के प्रांगण में पूजन अनुष्ठान के साधक पंडित योगेन्द्र कुमार दाधीच की मंगल उपस्थिति में समाजसेवी रामलाल ओझा, वल्लभ पुरोहित, मनु महाराज, श्याम आचार्य, शंकर लाल जोशी, हरिप्रसाद जोशी, सुखदेव गहलोत, श्याम सुंदर पुरोहित, राजू पानेचा, हरिराम गोदारा, कान्हा सेवग, पुजारी प्रवीण दाधीच आदि द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्री लक्ष्मीनाथ जी मसंदिर के भक्तगण उपस्थित रहे।

अनुष्ठान की संक्षिप्त जानकारी- क्षेत्र के किसी भी मंदिर में पौष बड़ा उत्सव का अनुष्ठान 15 दिसंबर 2025 से 13 जनवरी 2026 के बीच में किसी भी एक दिन अनुष्ठान रखा जा सकेगा। इसके पश्चात उसी मंदिर में या अन्य मंदिर में 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति महोत्सव होगा। जिसमें मंदिर में पूजा माल्यार्पण कर यथा शक्ति पोष बड़ा उत्सव में भोग का प्रसाद चूरमा/मोगरी चूरमा/गोंद पाक/दाल का हलुवा व पकौड़ी/बड़ा प्रसाद का भोग लगा कर निज मंदिर के पुजारी जी के द्वारा सनातन भक्तों की उपस्थिति में आरती कर प्रसाद वितरण उपस्थित सनातन भक्तों को वितरित होगा।

मकर संक्रांति महोत्सव पर मंदिर में पूजा कर रेवड़ी/ घेवर/ फीनी/तिल की अन्य मिठाई का भोग लगा कर आरती की जाएगी और प्रसाद वितरण किया जाएगा इन उत्सव/महोत्सव पर पूजन आरती के अलावा भक्ति संगीत सुंदरकांड आदि के अनुष्ठान भी क्षेत्र के लोगों के सहयोग से किए जा सकेंगे।

विशेष आयोजन

43 वे पूजन अनुष्ठान के अंतर्गत हो रहे पूजन अनुष्ठान पर वर्षों से मंदिरों में निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे पुजारी दंपतियों को आध्यात्मिक सेवा एव आदर्श दंपत्ति सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।