March 21, 2026
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नौ कुंडीय

मरुधर गूंज, बीकानेर (30 जनवरी 2026)।

भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, इस साल की महाशिवरात्रि बेहद खास होने वाली है क्योंकि इस दिन ग्रहों का एक ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो कई राशियों के लिए ‘लॉटरी’ जैसा फल लेकर आएगा। महादेव की विशेष कृपा से इन जातकों को करियर और बिजनेस में वो मुकाम हासिल होगा, जिसका वे लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।

इन राशियों की चमकेगी किस्मत

मेष राशि : करियर में आएगी नई जान मेष राशि के जातकों के लिए यह पर्व व्यापार में सुनहरे अवसर लाएगा। अगर आप नौकरी में बदलाव या प्रमोशन की राह देख रहे थे, तो शिवरात्रि के बाद आपकी इच्छा पूरी हो सकती है। नए स्टार्टअप और निवेश के लिए यह समय सबसे उपयुक्त है।

सिंह राशि : पद-प्रतिष्ठा और धन लाभ सिंह राशि वालों के लिए महादेव मान-सम्मान लेकर आ रहे हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी लीडरशिप की सराहना होगी। किसी बड़ी बिजनेस डील के फाइनल होने से आपकी आर्थिक स्थिति में बड़ा उछाल आने के संकेत हैं। पैतृक संपत्ति या रुका हुआ धन भी वापस मिल सकता है।

तुला राशि : निवेश से होगा मोटा मुनाफा तुला राशि के जातकों के लिए यह समय निवेश के जरिए धन कमाने का है। शेयर मार्केट या प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों को उम्मीद से ज्यादा लाभ मिल सकता है। पार्टनरशिप में चल रहे काम अब गति पकड़ेंगे और करियर की राह में आ रहे रोड़े दूर होंगे।

कुंभ राशि : खुलेंगे आय के नए स्रोत कुंभ राशि वालों के लिए धन आगमन के रास्ते सुगम होंगे। आपकी रचनात्मकता आपको ऑफिस में नई पहचान दिलाएगी। महादेव की कृपा से अटके हुए सरकारी प्रोजेक्ट्स या बिजनेस डील्स फिर से शुरू होंगी।

महाशिवरात्रि पर करें ये अचूक उपाय

व्यापार वृद्धि के लिए : महाशिवरात्रि की रात शिवलिंग पर गन्ने के रस से अभिषेक करें।

करियर की बाधाओं के लिए : जल में शहद मिलाकर महादेव को अर्पित करें, इससे तरक्की के मार्ग खुलेंगे।

मानसिक शांति और विजय के लिए : शिवरात्रि की विशेष पूजा के दौरान शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत फलदायी होगा।

 

अस्वीकरण : इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। “मरुधर गूंज” यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। “मरुधर गूंज” अंधविश्वास के खिलाफ है।