

मरुधर गूंज, बीकानेर (05 जनवरी 2026)।
माघ मास का आरंभ 3 जनवरी 2026 से हो चुका है। सनातन परंपरा में इस मास को स्नान, दान और साधना का विशेष काल माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ स्नान आत्मशुद्धि और पापक्षय का प्रमुख साधन है।
घर पर करें गंगाजल से स्नान
इस मास में जल में विशेष दिव्य ऊर्जा का संचार होता है, जिससे स्नान मात्र से मन, शरीर और विचार शुद्ध होते हैं। यदि तीर्थ स्थान पर स्नान संभव न हो, तो घर पर ही माघ स्नान करना भी फलदायी माना गया है। प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सूर्य और जल देवता का स्मरण करें। स्नान के जल में गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाना, तिल या कुशा (पवित्र घास) का प्रयोग करना और मौन, जप या भगवान विष्णु का स्मरण करना शास्त्रसम्मत विधि मानी जाती है। माघ मास में केवल स्नान ही नहीं, बल्कि संयमित जीवनशैली भी आवश्यक है।
स्वच्छ वस्त्र धारण करें, सात्विक भोजन, सीमित निद्रा और संयमित वाणी का पालन करें। क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। दान, जप और सेवा करने से माघ स्नान का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और नियम का पालन ही माघ स्नान का मूल आधार है।
यदि विधि के अनुसार घर पर स्नान किया गया, तो यह तीर्थ स्नान के समान पुण्य देता है। यह साधना मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करती है और जीवन में स्थायित्व व आंतरिक बल को मजबूत करती है।
घर पर ऐसे बनाये गंगाजल
गंगाजल के कई मंत्र हैं, जिनमें प्रमुख हैं स्नान के लिए
“गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।”
और
“ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिणी नारायणी नमो नमः।”,
जो मन-शरीर की शुद्धि और पाप मुक्ति के लिए जपे जाते हैं, और “ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा।” जो घर पर गंगा स्नान का पुण्य देता है, जिससे दिव्य ऊर्जा और शांति मिलती है।
गंगा गायत्री मंत्र (ध्यान के लिए)
मंत्र :
ॐ भागीरथेच विद्महे, विष्णु पत्ये च धीमहि, तन्नो गंगा प्रचोदयात्॥
लाभ : यह मंत्र गंगा जी को समर्पित है और इसके जाप से मन एकाग्र होता है और शुभ फल प्राप्त होते हैं, जैसा कि यूट्यूब वीडियो में बताया गया है।
घर पर स्नान के लिए (सरल मंत्र) :
मंत्र :
ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा॥
लाभ : घर पर स्नान करते समय इस मंत्र के जाप से गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त होता है और मन शांत रहता है।
कैसे करें जाप (सामान्य विधि) :
स्नान करते समय इन मंत्रों का उच्चारण करें।
कुछ मंत्रों के साथ जीभ को तालु से लगाने और मन को एकाग्र रखने की सलाह दी जाती है। आप गंगाजल की बाल्टी में हाथ डालकर या जल को स्पर्श करते हुए इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
माघ मास 2026 – स्नान तिथियां
-
03 जनवरी 2026 – शनिवार – पौष पूर्णिमा स्नान – माघ मेले की शुरुआत और प्रथम स्नान
-
14 जनवरी 2026 – बुधवार – मकर संक्रांति स्नान – सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का स्नान
-
18 जनवरी 2026 – रविवार – मौनी अमावस्या स्नान – सबसे पवित्र स्नान (मौन में स्नान)
-
23 जनवरी 2026 – शुक्रवार – बसंत पंचमी स्नान – बसंत ऋतु के आगमन का शुभ स्नान
-
01 फरवरी 2026 – रविवार – माघी पूर्णिमा स्नान – श्रीमद् माघ पूर्णिमा तिथि स्नान
-
15 फरवरी 2026 – रविवार – महाशिवरात्रि स्नान – माघ मेले का अंतिम स्नान
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। “मरुधर गूंज” यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/विभिन्न माध्यमों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। “मरुधर गूंज” अंधविश्वास के खिलाफ है।


